Tagged: Kumar Vishwas Sher

Wo Nazare Poem Lyrics- Kumar Vishwas 0

Wo Nazare Poem Lyrics- Kumar Vishwas

” वो नज़ारे जो कभी शौक ऐ तमन्ना थे मुझे, कर दिए एक नज़र में ही पराये उसने, रंगे – दुनिया भी बस अब स्याह और सफ़ेद लगे, मेरी दुनिया से यूँ कुछ रंग...

Jo Tumne Padh Liya Hota- Kumar Vishwas 0

Jo Tumne Padh Liya Hota- Kumar Vishwas

‎” मेरा प्रतिमान आँसू में भिगोकर गढ़ लिया होता , अकिंचन पाँव तब आगे तुम्हारा बढ़ लिया होता , मेरी आँखों में भी अंकित समर्पण की ऋचाएं थी , उन्हें कुछ अर्थ मिल जाता...

Tumhare Pass Hoon Lekin- Kumar Vishwas 0

Tumhare Pass Hoon Lekin- Kumar Vishwas

“तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है समझता हूँ, तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ, तुम्हे मै भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नही लेकिन, तुम्ही को भूलना सबसे ज़रूरी है समझता हूँ……”...

Sad Sher 0

Sad Sher

Gireban Chaak Karna Kya Hai Seena Bahut Mushqil Hai Har Ik Pal Muskura Kar Ashq Peena Aur Mushqil Hai Humari Bad Naseebi Ne Humein itna Sikhaya Hai Kise Ke Ishq Mein Marne Se Jeena...