Category: Intzaar Shayari

Bekrari Si-Kumar Vishwas 0

Bekrari Si-Kumar Vishwas

बेक़रारी सी बेक़रारी है , वस्ल हैं और फिराक तारी है जो गुज़ारी न जा सकी हम से हम ने वो ज़िन्दगी गुज़ारी है बिन तुम्हारे कभी नहीं आई क्या मेरी नीँद भी तुम्हारी...