Category: Deshbhakti Shayari

Hum Ladenge Saathi -Avtar Singh Paash 0

Hum Ladenge Saathi -Avtar Singh Paash

हम लड़ेंगे साथी, उदास मौसम के लिये हम लड़ेंगे साथी, गुलाम इच्छाओं के लिये……. हम चुनेंगे साथी, जिंदगी के टुकड़े हथौड़ा अब भी चलता है, उदास निहाई पर हल अब भी चलता हैं चीखती...